कमलनाथ के करीबियों पर छापेमारी के लिए ली गई थी सीआरपीएफ की मदद
रविवार की रात मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों पर रात को 3:00 बजे के लगभग आयकर विभाग ने छापामारी की। जिससे वहां पर हड़कंप मच गया। आम तौर पर आयकर विभाग अपने छापामारी के लिए स्थानीय पुलिस की मदद लेता है। मगर कमलनाथ की करीबियों पर छापामारी के लिए आयकर विभाग ने एक नया हथकंडा अपनाया। छापेमारी के दौरान सीआरपीएफ के हथियारबंद जवान देखे गए।
कुछ चश्मदीदों ने बताया कि कमलनाथ के पूर्व विशेष अधिकारी प्रवीण कक्कड़ के इंदौर के विजय नगर स्थित आवास पर आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान सीआरपीएफ के हथियारबंद जवान तैनात देखे गए। जबकि मध्य प्रदेश की स्थानीय पुलिस की टुकड़ी घर से 200 मीटर दूरी पर तैनात थे। आयकर विभाग के दिल्ली टीम द्वारा इस छापेमारी को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया।
प्रवीण कक्कड़ घर के अलावा आयकर विभाग की दिल्ली इकाई ने 5 अन्य जगहों पर भी छापेमारी की। जिनमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के पूर्व विशेष अधिकारी का दफ्तर तथा अन्य संबंधियों के परिसर भी शामिल थे। ऐसा अनुमान लगाया गया कि लोकसभा चुनाव से पूर्व इस छापेमारी के दौरान आयकर विभाग को निवेश के कई दस्तावेज तथा भारी मात्रा में नकदी भी बरामद हुई है। हालांकि स्थानीय अधिकारी जो आयकर विभाग से संबंधित है वह इस बारे में कुछ भी बताने में असमर्थता जता रहे हैं। उनका कहना है कि इस पूरे छापे की अगुवाई आयकर विभाग की दिल्ली इकाई कर रही है। ऐसे में जब तक हमें परमिशन नहीं दी जाती हम इस पर कुछ नहीं कह सकते।
कमलनाथ के करीबी प्रवीण कक्कड़ का नाम हॉस्पिटलटी के साथ कई अन्य कारोबारियों के साथ जुड़ा है। वह मध्य प्रदेश के पुलिस के पूर्व सेवा अधिकारी रह चुके हैं। राजनीतिक एवं प्रशासनिक गलियारों में उनकी काफी पैठ मानी जाती है। जब मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार का गठन हुआ तो प्रवीण कक्कड़ को मुख्यमंत्री कमलनाथ का विशेष अधिकारी चुना गया मगर लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



